रोज साहिल से समंदर का नजारा न करो

Love Hindi Shayari

रोज साहिल से ~समंदर का नजारा न करो,
अपनी सूरत को ~शबो-रोज निहारा न करो,
आओ देखो मेरी ~नजरों में उतर कर खुद को,
~आइना हूँ मैं तेरा मुझसे ~किनारा न करो।