प्यास दिल की बुझाने वो कभी आया भी नहीं

Shayari on Sadness

प्यास ~दिल की बुझाने वो कभी आया भी नहीं,
कैसा ~बादल है जिसका कोई ~साया भी नहीं,
बेरुखी इससे बड़ी और ~भला क्या होगी,
एक ~मुद्दत से हमें उसने ~सताया भी नहीं।